“नया आयकर विधेयक 2025: संसद में पेश होने जा रहा है नया कर कानून”
भारत सरकार जल्द ही नया आयकर विधेयक 2025 संसद में पेश करने जा रही है, जो 1961 के आयकर अधिनियम की जगह लेगा। यह विधेयक कर प्रणाली को सरल बनाने, अनुपालन में आसानी लाने और करदाताओं के लिए अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्य विशेषताएँ:
- आयकर कानून को संक्षिप्त और सरल बनाया गया है
नया विधेयक कुल 622 पृष्ठों का होगा, जबकि मौजूदा आयकर अधिनियम लगभग 1,200 पृष्ठों का है। इसमें 23 अध्याय और 16 अनुसूचियाँशामिल होंगी। - ‘टैक्स ईयर’ की नई परिभाषा
मौजूदा ‘पिछला वर्ष’ और ‘आकलन वर्ष’ की अवधारणाओं को हटाकर ‘टैक्स ईयर’ (कर वर्ष) की नई परिभाषा दी गई है, जो 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होगी। इससे करदाताओं को भ्रम से बचने में मदद मिलेगी। - CBDT को अधिक अधिकार मिलेंगे
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) को कराधान योजनाओं में संशोधन और डिजिटल निगरानी लागू करने के लिए अधिक स्वायत्तता दी जाएगी, जिससे बार-बार कानून बदलने की जरूरत नहीं होगी। - डिजिटल और आसान अनुपालन प्रक्रिया
करदाताओं के लिए ई-फाइलिंग और अन्य कर अनुपालन को अधिक सरल और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है।
कब होगा लागू?
अगर यह विधेयक संसद में पारित हो जाता है, तो नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकता है।
यह सुधार भारतीय कर प्रणाली को आधुनिक और करदाताओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।